बी.एच.आई.सी.-132 असाइनमेंट 2026–27 (जुलाई 2026–जनवरी 2027) | भारत का इतिहास (लगभग 300 ई. से 1206 ई. तक)
इस पेज पर IGNOU के
संबंधित पाठ्यक्रम का नवीनतम सत्रीय कार्य (Assignment/TMA), महत्वपूर्ण जानकारी तथा आवश्यक निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं। यहाँ दी गई
जानकारी विद्यार्थियों को असाइनमेंट की तैयारी और समय पर जमा करने में सहायता
प्रदान करती है।
पाठ्यक्रम परिचय
बी.एच.आई.सी.-132 : भारत का इतिहास (लगभग 300 ई. से 1206
ई. तक) IGNOU के बी.ए. (ऑनर्स) इतिहास (BAHIH) कार्यक्रम
का एक मुख्य (Core) पाठ्यक्रम है। इस पाठ्यक्रम में लगभग 300
ईस्वी से 1206 ईस्वी तक भारत के राजनीतिक,
सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक इतिहास का
अध्ययन कराया जाता है। इसमें गुप्त साम्राज्य, हर्षवर्धन,
क्षेत्रीय राज्यों का उदय, दक्षिण भारतीय
राजवंश, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास, व्यापार तथा प्रारम्भिक मध्यकालीन भारतीय समाज के प्रमुख परिवर्तनों का
विस्तृत विश्लेषण शामिल है।
पाठ्यक्रम एक नज़र में !
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विवरण |
जानकारी |
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पाठ्यक्रम कोड |
BHIC-132 |
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पाठ्यक्रम शीर्षक |
भारत का इतिहास
(लगभग 300 ई.
से 1206 ई. तक) |
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सत्रीय कार्य कोड |
BHIC-132/ASST/TMA/2026-2027 |
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अधिकतम अंक |
100 |
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जमा करने का तरीका |
हस्तलिखित, अध्ययन
केंद्र/क्षेत्रीय केंद्र में |
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प्रश्न स्रोत |
आधिकारिक IGNOU TMA बुकलेट (जमा करने
से पहले अवश्य जाँचें) |
मुख्य विषय — भारत का इतिहास (300–1206 ई.)
→ गुप्त साम्राज्य और उत्तर गुप्त काल
गुप्त साम्राज्य का उदय, प्रशासन, समाज, संस्कृति तथा
उत्तर गुप्त काल के राजनीतिक परिवर्तन।
→ हर्षवर्धन और क्षेत्रीय राज्यों का उदय
हर्षवर्धन का शासन, क्षेत्रीय शक्तियों का विकास तथा उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक
स्थिति।
→ दक्षिण भारत का इतिहास
पल्लव, चोल,
पांड्य, चेर एवं अन्य दक्षिण भारतीय राजवंशों
का राजनीतिक और सांस्कृतिक योगदान।
→ समाज, अर्थव्यवस्था और व्यापार
भूमि व्यवस्था, कृषि, व्यापार, शिल्प, नगरीकरण तथा सामाजिक संरचना का अध्ययन।
→ धर्म और संस्कृति
हिंदू, बौद्ध और
जैन धर्म का विकास, भक्ति आंदोलन, साहित्य,
कला और स्थापत्य की प्रमुख उपलब्धियाँ।
→ प्रारम्भिक मध्यकालीन भारत
300 से 1206 ईस्वी के दौरान भारतीय समाज,
राजनीति और संस्कृति में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों का अध्ययन।
बी.एच.आई.सी.-132 भारत का इतिहास (लगभग 300 ई. से 1206 ई. तक) | असाइनमेंट 2026–27
नोटः यह सत्रीय कार्य तीन भागों में विभाजित
हैं। आपको तीनों भागों के सभी प्रश्नों के उत्तर देने हैं।
सत्रीय कार्य - I
निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी
प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 20
अंकों का है।
1) कला एवं साहित्य के क्षेत्र
में गुप्तकाल की उपलब्धियों की विवेचना कीजिए।
2) राजपूतों के उदय के विभिन्न
सिद्धान्तों की व्याख्या कीजिए।
सत्रीय कार्य II
निम्नलिखित मध्यम श्रेणी
प्रश्नों के उत्तर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 10
अंकों का है।
3) पल्लव कला एवं मन्दिर
स्थापत्य की प्रमुख विशेषताओं का मूल्यांकन कीजिए।
4) हर्षवर्धन के साम्राज्य
विस्तार एवं प्रशासन का वर्णन कीजिए।
5) आरम्भिक मध्यकाल में भूमि के
महत्व का परीक्षण कीजिए।
सत्रीय कार्य III
निम्नलिखित लघु श्रेणी प्रश्नों
के उत्तर लगभग 100 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 6 अंकों का है।
6) स्थानीय प्रशासन : उर व नाडू
7) पल्लव-पांड्य संघर्ष
8) चित्रकला
9) राजनीति या प्रशासन में
महिलाऐं कुछ असाधारण भूमिकाएँ
10) भक्ति आन्दोलन का पतन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: BHIC-132 का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: BHIC-132 का पूरा नाम "भारत का इतिहास (लगभग 300 ई. से 1206 ई. तक)" है।
प्रश्न: 2026–27 सत्र के लिए सत्रीय कार्य (Assignment) का कोड क्या है?
उत्तर: सत्रीय कार्य कोड BHIC-132/ASST/TMA/2026-2027
है।
प्रश्न: BHIC-132 सत्रीय कार्य (TMA) के कुल अंक
कितने हैं?
उत्तर: यह सत्रीय कार्य 100 अंकों का है।
प्रश्न: क्या BHIC-132 का असाइनमेंट जमा करना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ। IGNOU के नियमों के अनुसार असाइनमेंट जमा करना अनिवार्य है और यह अंतिम
मूल्यांकन का महत्वपूर्ण भाग है।
प्रश्न: आधिकारिक BHIC-132 असाइनमेंट प्रश्न कहाँ से प्राप्त करें?
उत्तर: आधिकारिक असाइनमेंट प्रश्न IGNOU
की आधिकारिक वेबसाइट तथा छात्र पोर्टल के Assignments
अनुभाग में उपलब्ध होते हैं। हमेशा वर्तमान सत्र का असाइनमेंट ही
डाउनलोड करें।
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