बी.एच.आई.सी.-131 असाइनमेंट 2026–27 (जुलाई 2026–जनवरी 2027) | भारत का इतिहास (प्राचीनतम काल से
लगभग 300 ई.)
इस पेज पर IGNOU के संबंधित पाठ्यक्रम का नवीनतम सत्रीय कार्य (Assignment/TMA), महत्वपूर्ण जानकारी तथा आवश्यक निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं। यहाँ दी गई जानकारी विद्यार्थियों को असाइनमेंट की तैयारी और समय पर जमा करने में सहायता प्रदान करती है।
बी.एच.आई.सी.-131 : भारत का इतिहास (प्राचीनतम काल से लगभग 300 ई.) IGNOU के बी.ए. (ऑनर्स) इतिहास (BAHIH) कार्यक्रम
का एक मुख्य (Core) पाठ्यक्रम है। इस पाठ्यक्रम में
प्रागैतिहासिक काल से लेकर लगभग 300 ईस्वी तक भारत के
राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं
सांस्कृतिक इतिहास का अध्ययन कराया जाता है। इसमें सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, महाजनपद, मौर्य
साम्राज्य, प्रारम्भिक राज्यों, धर्म,
समाज, कला एवं संस्कृति के विकास का विस्तृत
विश्लेषण शामिल है।
पाठ्यक्रम एक नज़र में !
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विवरण |
जानकारी |
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पाठ्यक्रम कोड |
BHIC-131 |
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पाठ्यक्रम शीर्षक |
भारत का इतिहास
(प्राचीनतम काल से लगभग 300 ई.) |
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सत्रीय कार्य कोड |
BHIC-131/ASST/TMA/2026-2027 |
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अधिकतम अंक |
100 |
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जमा करने का तरीका |
हस्तलिखित, अध्ययन
केंद्र/क्षेत्रीय केंद्र में |
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प्रश्न स्रोत |
आधिकारिक IGNOU TMA बुकलेट (जमा करने
से पहले अवश्य जाँचें) |
मुख्य विषय — भारत का प्राचीन इतिहास
→ प्रागैतिहासिक काल और प्रारम्भिक मानव
प्रारम्भिक मानव जीवन, पाषाण युग, कृषि की शुरुआत तथा मानव सभ्यता का
विकास।
→ सिंधु घाटी सभ्यता
हड़प्पा सभ्यता की उत्पत्ति, नगर नियोजन, आर्थिक जीवन, धर्म
तथा पतन के प्रमुख सिद्धांत।
→ वैदिक काल और महाजनपद
ऋग्वैदिक एवं उत्तर वैदिक समाज, महाजनपदों का उदय तथा सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन।
→ मौर्य साम्राज्य
चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक, प्रशासनिक व्यवस्था, धम्म
नीति तथा मौर्य साम्राज्य का विस्तार।
→ धर्म, समाज और संस्कृति
बौद्ध धर्म, जैन धर्म,
सामाजिक संरचना, साहित्य, कला एवं शिक्षा का विकास।
→ प्रारम्भिक भारतीय राज्य
मौर्योत्तर भारत, सातवाहन, कुषाण तथा लगभग 300 ईस्वी
तक के राजनीतिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन।
बी.एच.आई.सी.-131 भारत का इतिहास (प्राचीनतम काल से लगभग 300 ई.) |
असाइनमेंट 2026–27
नोटः यह सत्रीय कार्य तीन भागों में विभाजित
हैं। आपको तीनों भागों के सभी प्रश्नों के उत्तर देने हैं।
सत्रीय कार्य - I
निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी
प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए।
1) पुरातात्विक अन्वेषण को स्पष्ट कीजिए। भारतीय
उपमहाद्वीप के कुछ प्रमुख स्थलों पर चर्चा कीजिए।
2) परिपक्व हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख चरण की
मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
सत्रीय कार्य II
निम्नलिखित मध्यम श्रेणी
प्रश्नों के उत्तर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए।
3) प्राचीन भारत में कुछ
क्षेत्रों के गठन की प्रक्रिया का विश्लेषण कीजिए।
4) मौर्य प्रशासन की प्रमुख विशेषताऐं क्या थीं?
5) ई.पू. छठी शताब्दी में नवीन धार्मिक विचारों
के उदय में लिए उत्तरदायी कारकों की विवेचना कीजिए।
सत्रीय कार्य III
निम्नलिखित लघु श्रेणी प्रश्नों
के उत्तर लगभग 100 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए।
6) पूर्व वैदिक धर्म
7) सातवाहन वंश के इतिहास की रूपरेखा
8) बुद्ध के उपदेश
9) तिनैं अवधारणा
10) संगम साहित्य
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: BHIC-131 का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: BHIC-131 का पूरा नाम "भारत का इतिहास (प्राचीनतम काल से लगभग 300 ई.)" है।
प्रश्न: 2026–27 सत्र के लिए सत्रीय कार्य (Assignment) का कोड क्या है?
उत्तर: सत्रीय कार्य कोड BHIC-131/ASST/TMA/2026-2027
है।
प्रश्न: BHIC-131 सत्रीय कार्य (TMA) के कुल अंक कितने हैं?
उत्तर: यह सत्रीय कार्य 100 अंकों का है।
प्रश्न: क्या BHIC-131 का असाइनमेंट जमा करना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ। IGNOU के नियमों के अनुसार असाइनमेंट जमा करना अनिवार्य है और यह अंतिम
मूल्यांकन का महत्वपूर्ण भाग है।
प्रश्न: आधिकारिक BHIC-131 असाइनमेंट प्रश्न कहाँ से प्राप्त करें?
उत्तर: आधिकारिक असाइनमेंट प्रश्न IGNOU
की आधिकारिक वेबसाइट तथा छात्र पोर्टल के Assignments
अनुभाग में उपलब्ध होते हैं। हमेशा वर्तमान सत्र का असाइनमेंट ही
डाउनलोड करें।
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