IGNOU बीपीवाईसी-109 तत्वमीमांसा | SOLVED ASSIGNMENT 2026–27 | Hindi Medium

IGNOU BPYC-109 तत्वमीमांसा · BAFPY · TEE दिसंबर 2026 / जून 2027

BPYC-109: तत्वमीमांसा (Metaphysics) IGNOU के BAFPY (दर्शनशास्त्र) कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम है। इसमें वास्तविकता की मूल प्रकृति, सत्ता (Being), द्रव्य (Substance), गुण (Attributes), कार्य-कारण (Causation), संबंध (Relation), सत्य, आत्मा तथा ब्रह्म जैसे प्रमुख दार्शनिक प्रश्नों और अवधारणाओं का अध्ययन किया जाता है।

IGNOU बीपीवाईसी-109 तत्वमीमांसा | SOLVED ASSIGNMENT | Hindi Medium

यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को तत्वमीमांसा के स्वरूप और क्षेत्र को समझने के साथ-साथ विभिन्न दार्शनिक सिद्धांतों तथा भारतीय और पाश्चात्य दर्शन में वास्तविकता से संबंधित विचारों का आलोचनात्मक अध्ययन करने में सहायता करता है।

कार्यक्रम

पाठ्यक्रम कोड

पाठ्यक्रम का नाम

लागू सत्र

BAFPY (दर्शनशास्त्र)

BPYC-109

तत्वमीमांसा

TEE दिसंबर 2026 / TEE जून 2027

बीपीवाईसी-109 में अध्ययन के प्रमुख क्षेत्र:

1. तत्वमीमांसा की प्रकृति और क्षेत्र

तत्वमीमांसा का अर्थ, स्वरूप, विषय-क्षेत्र और दर्शनशास्त्र में इसके महत्व को समझना। इसके साथ ही तत्वमीमांसा के शुरुआती बिंदु के रूप में निर्णय (Judgement), प्रश्न और जानने की इच्छा (Desire to Know) जैसी अवधारणाओं का अध्ययन करना।

2. कार्य-कारण सिद्धांत (Principle of Causality)

कार्य-कारण संबंध की प्रकृति तथा विभिन्न प्रकार के कारणों का अध्ययन करना। उपादान कारण (Material Cause), निमित्त कारण (Efficient Cause) और अंतिम कारण (Final Cause) जैसी अवधारणाओं को उपयुक्त उदाहरणों के साथ समझना।

3. तर्क के मूलभूत सिद्धांत

तादात्म्य (Identity), अविरोध (Non-Contradiction) और मध्य-निषेध (Excluded Middle) जैसे मूलभूत तार्किक सिद्धांतों को समझना तथा उनके दार्शनिक महत्व का अध्ययन करना।

4. सत्ता, संबंध और वास्तविकता

सत्तामीमांसा (Ontology), द्रव्य, गुण और संबंध जैसी मूलभूत तत्वमीमांसात्मक अवधारणाओं का अध्ययन करना। तार्किक संबंध और वास्तविक संबंध के बीच अंतर को समझना।

5. भारतीय दर्शन में तत्वमीमांसा

सांख्य दर्शन में पुरुष और प्रकृति की अवधारणाओं तथा अद्वैत वेदांत में ब्रह्म, आत्मा और माया की अवधारणाओं का अध्ययन करना।

6. सत्य, ज्ञान और मूल्यमीमांसा

सत्य के सिद्धांत, ज्ञानमीमांसा (Epistemology), अंतर्जान (Intuition) और मूल्यमीमांसा (Axiology) जैसी संबंधित दार्शनिक अवधारणाओं को समझना।


IGNOU बीपीवाईसी-109 तत्वमीमांसा | असाइनमेंट 2026–27

टिप्पणीः

1. सभी पाँचों प्रश्नों के उत्तर दें।

2. सभी पाँचों प्रश्नों के अंक समान हैं।

3. प्रश्न 1 और 2 के उत्तर लगभग 400 शब्दों में दें।

4. यदि किसी प्रश्न के एक से अधिक भाग हैं, तो कृपया सभी भागों का उत्तर दें।

1. तत्वमीमांसा (Metaphysics) का अर्थ, स्वरूप और क्षेत्र स्पष्ट करें। दर्शनशास्त्र में इसके महत्व पर चर्चा करें।

या

तत्वमीमांसा का शुरुआती बिंदु क्या है? निर्णय (judgement), प्रश्न और जानने की इच्छा (desire to know) की अवधारणाओं को स्पष्ट करें।

2. कार्य-कारण सिद्धांत (Principle of Causality) क्या है? उपयुक्त उदाहरणों के साथ विभिन्न प्रकार के कारणों को स्पष्ट करें।

या

तादात्म्य (Identity), अविरोध (Non-Contradiction) और मध्य-निषेध (Excluded Middle) के सिद्धांतों को स्पष्ट करें।

3. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 200 शब्दों में दें।

a) तत्वमीमांसा की तीन मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट करें।

b) संबंध (Relation) क्या है? इसके विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट करें।

c) कारण (Cause) और शर्त / परिस्थिति (Condition) के बीच अंतर स्पष्ट करें।

d) सांख्य दर्शन में पुरुष और प्रकृति की अवधारणाओं को स्पष्ट करें।

4. निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें।

a) सत्तामीमांसा (Ontology) क्या है?

b) सत्य का सिद्धांत क्या है?

c) तार्किक संबंध और वास्तविक संबंध के बीच अंतर स्पष्ट करें।

d) उपादान कारण (Material Cause) और निमित्त कारण (Efficient Cause) को स्पष्ट करें।

e) मूल्यमीमांसा (Axiology) क्या है?

f) अद्वैत वेदांत में ब्रह्म की अवधारणा को स्पष्ट करें।

5. निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर लगभग 100 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें।

a) ब्रह्मांड-विज्ञान (Cosmology)

b) ज्ञानमीमांसा (Epistemology)

c) अंतर्जान (Intuition)

d) निमित्त कारण (Efficient Cause)

e) अंतिम कारण (Final Cause)

f) तादात्म्य का सिद्धांत (Principle of Identity)

g) आत्मा (Atman)

h) माया (Māyā)


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs

प्रश्न 1. BPYC-109 क्या है?

उत्तर: BPYC-109, IGNOU के BAFPY (दर्शनशास्त्र) कार्यक्रम का एक पाठ्यक्रम है, जिसका विषय तत्वमीमांसा (Metaphysics) है।

प्रश्न 2. BPYC-109 में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?

उत्तर: इस पाठ्यक्रम में तत्वमीमांसा की प्रकृति और क्षेत्र, सत्ता, द्रव्य, गुण, संबंध, कार्य-कारण, सत्य, तर्क के मूलभूत सिद्धांत तथा भारतीय दर्शन में पुरुष, प्रकृति, ब्रह्म, आत्मा और माया जैसी प्रमुख अवधारणाओं का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 3. तत्वमीमांसा का मुख्य विषय क्या है?

उत्तर: तत्वमीमांसा का मुख्य विषय वास्तविकता की मूल प्रकृति और अस्तित्व से जुड़े दार्शनिक प्रश्नों का अध्ययन करना है। इसमें सत्ता, कारण, द्रव्य, संबंध, आत्मा और वास्तविकता जैसे प्रश्नों पर विचार किया जाता है।

प्रश्न 4. BPYC-109 का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: BPYC-109 विद्यार्थियों को वास्तविकता और अस्तित्व से जुड़े मूलभूत दार्शनिक प्रश्नों को समझने तथा विभिन्न दार्शनिक सिद्धांतों का तार्किक और आलोचनात्मक अध्ययन करने में सहायता करता है।


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