बी.एच.आई.सी.-101 असाइनमेंट 2026–27 (जुलाई 2026–जनवरी 2027) | भारत का इतिहास-I
इस पेज पर IGNOU के
संबंधित पाठ्यक्रम का नवीनतम सत्रीय कार्य (Assignment/TMA), महत्वपूर्ण जानकारी तथा आवश्यक निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं। यहाँ दी गई
जानकारी विद्यार्थियों को असाइनमेंट की तैयारी और समय पर जमा करने में सहायता
प्रदान करती है।
पाठ्यक्रम परिचय
बी.एच.आई.सी.-101 : भारत का इतिहास-I IGNOU के बी.ए. (ऑनर्स) इतिहास (BAHIH)
कार्यक्रम का एक मुख्य (Core) पाठ्यक्रम है।
इस पाठ्यक्रम में प्राचीन भारत के इतिहास का अध्ययन किया जाता है। इसमें
प्रारम्भिक मानव सभ्यता, हड़प्पा संस्कृति, वैदिक काल, महाजनपद, मौर्य एवं
गुप्त साम्राज्य, प्रारम्भिक मध्यकालीन समाज तथा भारत के
राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और
सांस्कृतिक विकास का विस्तृत अध्ययन कराया जाता है।
पाठ्यक्रम एक नज़र में !
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विवरण |
जानकारी |
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पाठ्यक्रम कोड |
BHIC-101 |
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पाठ्यक्रम शीर्षक |
भारत का इतिहास-I |
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सत्रीय कार्य कोड |
BHIC-101/AST/TMA/2026-2027 |
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अधिकतम अंक |
100 |
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जमा करने का तरीका |
हस्तलिखित, अध्ययन
केंद्र/क्षेत्रीय केंद्र में |
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प्रश्न स्रोत |
आधिकारिक IGNOU TMA बुकलेट (जमा करने
से पहले अवश्य जाँचें) |
मुख्य विषय — भारत के प्राचीन इतिहास की यात्रा
→ प्रागैतिहासिक एवं प्रारम्भिक मानव समाज
प्रागैतिहासिक काल, प्रारम्भिक मानव जीवन, पत्थर युग, कृषि की शुरुआत तथा मानव सभ्यता के विकास का अध्ययन।
→ सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता
हड़प्पा सभ्यता की उत्पत्ति, नगर नियोजन, आर्थिक जीवन, व्यापार,
धर्म तथा इसके पतन से जुड़े प्रमुख सिद्धांत।
→ वैदिक काल और महाजनपद
ऋग्वैदिक एवं उत्तर वैदिक समाज, सामाजिक एवं राजनीतिक परिवर्तन, महाजनपदों
का उदय तथा धार्मिक आंदोलनों का विकास।
→ मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य
मौर्य साम्राज्य का विस्तार, अशोक की नीतियाँ, गुप्तकाल की राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियाँ तथा इसे भारत का स्वर्ण युग क्यों कहा
जाता है।
→ प्रारम्भिक मध्यकालीन भारत
गुप्तोत्तर काल, क्षेत्रीय राज्यों का उदय, भूमि व्यवस्था, सामाजिक परिवर्तन तथा भारतीय संस्कृति का विकास।
→ भारतीय समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति
प्राचीन भारत की सामाजिक संरचना, आर्थिक गतिविधियाँ, व्यापार, धर्म, साहित्य, कला, स्थापत्य तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास।
बी.एच.आई.सी.-101 भारत का इतिहास-I | असाइनमेंट 2026–27
नोटः यह सत्रीय
कार्य तीन भागों में विभाजित हैं। आपको तीनों भागों के सभी प्रश्नों के उत्तर देने
हैं।
सत्रीय कार्य -
I
निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक
प्रश्न 20
अंकों का है।
1) प्राचीन भारतीय साहित्य में पुनर्निर्माण में साहित्यिक व पुरातात्विक स्रोतों
का परीक्षण कीजिए।
2) नवपाषाण क्रांति से आप क्या समझते हैं? भारत में नवपाषाण संस्कृति के प्रमुख स्थलों का वर्णन कीजिए।
सत्रीय कार्य II
निम्नलिखित मध्यम श्रेणी प्रश्नों के उत्तर लगभग 250 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक
प्रश्न 10
अंकों का है।
3) ऋग्वैदिक से लेकर उत्तरवैदिक चरण तक धर्म, समाज और अर्थव्यवस्था में हुये परिवर्तनों पर चर्चा कीजिए।
4) प्राचीन भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर निबन्ध लिखिए।
5) मौर्य प्रशासन पर संक्षिप्त में एक नोट लिखिए।
सत्रीय कार्य - III
निम्नलिखित लघु श्रेणी प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों (प्रत्येक) में दीजिए। प्रत्येक
प्रश्न 6
अंकों का है।
6) पाषाणकालीन चित्रकला
7) उत्तर भारत की प्रसिद्ध लौह युग संस्कृतियाँ
8) भारतीय दर्शन और इसकी पर्यावरणीय दृष्टि
9) सप्तांग सिद्धांत
10) प्रारंभिक भारत में महिलाओं की स्थिति
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: BHIC-101 का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: BHIC-101 का पूरा नाम "भारत का इतिहास-I (History of India-I)" है।
प्रश्न: 2026–27 सत्र के लिए सत्रीय कार्य (Assignment) कोड क्या है?
उत्तर: सत्रीय कार्य कोड BHIC-101/ASST/TMA/2026-2027
है।
प्रश्न: BHIC-101 सत्रीय कार्य (TMA) के कुल अंक
कितने हैं?
उत्तर: यह सत्रीय कार्य 100 अंकों का है।
प्रश्न: क्या BHIC-101 का असाइनमेंट जमा करना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ। IGNOU के नियमों के अनुसार असाइनमेंट जमा करना अनिवार्य है और यह अंतिम
मूल्यांकन का महत्वपूर्ण भाग है।
प्रश्न: आधिकारिक BHIC-101 असाइनमेंट प्रश्न कहाँ से प्राप्त करें?
उत्तर: आधिकारिक असाइनमेंट प्रश्न IGNOU
की आधिकारिक वेबसाइट तथा छात्र पोर्टल के Assignments
अनुभाग में उपलब्ध होते हैं। हमेशा वर्तमान सत्र का असाइनमेंट ही
डाउनलोड करें।
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