IGNOU BHDC 109 HINDI MEDIUM | Solved Assignment - TMA 2026-27

BHDC-109: हिंदी उपन्यास | सत्रीय कार्य 2026-27

IGNOU हिंदी प्रोग्राम के छात्रों के लिए संपूर्ण गाइड — कोर्स की जानकारी, असाइनमेंट संरचना, स्कोरिंग टिप्स और एक्सपर्ट सहायता, एक ही जगह।

IGNOU BHDC 109 HINDI MEDIUM | Solved Assignment

कोर्स के बारे में संक्षेप में

BHDC-109 इग्नू के हिंदी अध्ययन कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाला एक रोचक साहित्यिक पाठ्यक्रम है, जो हिंदी उपन्यास विधा के उद्भव, विकास और स्वरूप का गहराई से अध्ययन करवाता है। इसमें उपन्यास की परिभाषा एवं तत्व (कथावस्तु, चरित्र-चित्रण, संवाद, देशकाल-वातावरण, उद्देश्य, भाषा-शैली), हिंदी उपन्यास के विकास के विभिन्न चरण, तथा प्रेमचंद, जैनेन्द्र कुमार, अज्ञेय, फणीश्वरनाथ रेणु जैसे प्रमुख उपन्यासकारों की रचनाओं का अध्ययन शामिल है।

सत्रीय कार्य की मुख्य जानकारी

पाठ्यक्रम का नाम

हिंदी उपन्यास

पाठ्यक्रम कोड

बी.एच.डी.सी-109

सत्रीय कार्य कोड

बी.एच.डी.सी-109/टीएमए/2026-2027

सत्र

2026-2027

कुल अंक

100

जाँच

अध्यापक द्वारा (TMA)

अंतिम सबमिशन तिथि की पुष्टि के लिए IGNOU की आधिकारिक वेबसाइट या अपने स्टडी सेंटर से ज़रूर संपर्क करें।

IGNOU BHDC 109 हिंदी उपन्यास ASSIGNMENT 2026-27

नोट: सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

भाग-क

1. निम्नलिखित गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए।

(क) जीवन-रंगशाला का वह निर्दय सूत्रधार किसी अगम गुप्त स्थान पर बैठा हुआ अपनी जटिल क्रूर क्रीड़ा दिखा रहा है। यह कौन जानता था कि नकल असल होने जा रही है, अभिनय सत्य का रूप ग्रहण करने वाला है। निशा ने इन्दु को परास्त करके अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया था। उसकी पैशाचिक सेना ने प्रकृति पर आंतक जमा रखा था। सवृत्तियाँ मुँह छिपाये पड़ी थीं और कुवृत्तियाँ विजय-गर्व से इठलाती फिरती थीं।

(ख) बहुत कुछ जो इस दुनिया में हो रहा हे वह वैसा ही क्यों होता है, अन्यथा क्यों नहीं होता इसका क्या उत्तर है? उत्तर हो अथवा न हो, पर जान पड़ता है भवितव्य ही होता है। नियति का लेख बँधा है। एक भी अक्षर उसका यहाँ से वहाँ न हो सकेगा। वह बदलता नहीं, बदलेगा नहीं। पर विधि का वह अतर्क्स लेख किस विधाता ने बनाया है, उसका उसमें क्या प्रयोजन है यह भी कभी पूछकर जानने की इच्छा की जा सकती है, या नहीं। शायद नहीं। ज्ञानी जन कह गये हैं कि परम कल्याणमय ही इस सृष्टि में अपनी परम लीला का विस्तार कर रहा है। मैं मान लेता हूँ कि ऐसा ही है। न मानूँ तो जीऊँ कैसे ?

(ग) सीताराम की गुहार बाबा के कानों में से ऐसे पड़ी जैसे कोई अंधा बंद गली में चलते-चलते दीवार से टकराकर अपना सिर चुटीला कर ले। मन को पछतावा हुआ, हे प्रभु, तुम्हारी यह माया ऐसी है कि जन्म भर जप-तप साधन करते-करते पच मरो तब भी इससे पार पाना उस समय तक महा कठिन है जब तकि कि तुम्हारी ही पूर्ण कृपा न हो। सुनता हूं, विचारता हूं 'समझता भी हूं, यहां तक कि अब तो दूसरों को विस्तार से समझा भी लेता हूं पर मौके पर यह सारा किया-धरा-चौपट हो जाता है।

(घ) मरने के समय वह चिर स्थिर था, शांत था, अड़िग और निर्भय। वह सब में रम रहा है, मेरे और जल्लाद के भीतर यही है, जल्लाद की तलवार और मेरे सिर में भी यही है। सब में वही है। सब बराबर है। लाखी और अटल में वही है ! दोनों में वही है? फिर मैंने उन दोनों के बीच में भेद क्यों किया ? पर वह तो वर्णाश्रम की बात थी। जो कुछ भी हो, अब किसी के लिए मन में कोई बुराई नहीं। सिकन्दर के लिए नहीं, मौलवियों के लिए नहीं, किसी के लिए नहीं।

भाग-ख

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 750-800 (प्रत्येक) शब्दों में दीजिए।

(1). 'मृगनयनी' का प्रतिपाद्य स्पष्ठ कीजिए। ।

(2). जैनेन्द्र के उपन्यासों का परिचय दीजिए।

(3). 'आपका बंटी' के आधार पर शकुन की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।

भाग-ग

3. निम्नलिखित पर लगभग 250 (प्रत्येक) शब्दों में टिप्पणी लिखिए :

(1) मुंशी तोताराम का चरित्र

(2) 'त्यागपत्र' की भाषा

(3) 'आपका बंटी' का परिवेश

अच्छे अंक पाने के लिए टिप्स

1.    निर्धारित उपन्यास को स्वयं ध्यान से पढ़ें — सार-संक्षेप पर निर्भर न रहें।

2.    उत्तर में पात्रों के नाम व घटनाओं का सही उल्लेख करें।

3.    विश्लेषण अपने शब्दों में लिखें; उपन्यास से सीधे उद्धरण लेने से बचें।

4.    निर्धारित शब्द-सीमा का पालन करें, न बहुत छोटा न बहुत लंबा।

5.    भूमिका विश्लेषण निष्कर्ष क्रम में उत्तर व्यवस्थित करें।

6.    स्वच्छ हस्तलेख रखें, क्योंकि अधिकांश सेंटर हस्तलिखित कार्य ही स्वीकारते हैं।

7.    अंतिम तिथि से पहले अपने स्टडी सेंटर में जमा करें।

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ध्यान दें: सत्रीय कार्य के अंतिम उत्तर हमेशा अपनी समझ और शब्दों में लिखें। गाइडेंस सामग्री का उपयोग केवल अध्ययन और रेफरेंस के लिए करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न   BHDC-109 सत्रीय कार्य की कुल अंक सीमा कितनी है?

BHDC-109 सत्रीय कार्य की कुल अंक सीमा 100 है।

प्रश्न   BHDC-109 सत्रीय कार्य कोड क्या है?

इस पाठ्यक्रम का सत्रीय कार्य कोड बी.एच.डी.सी-109/टीएमए/2026-2027 है।

प्रश्न   BHDC-109 पाठ्यक्रम में किन उपन्यासों व उपन्यासकारों का अध्ययन होता है?

इसमें प्रेमचंद, जैनेन्द्र कुमार, अज्ञेय, फणीश्वरनाथ रेणु जैसे प्रमुख हिंदी उपन्यासकारों की रचनाओं और उपन्यास-विधा के विकास का अध्ययन शामिल है; सटीक सूची आपकी निर्धारित अध्ययन सामग्री में दी गई है।

प्रश्न   BHDC-109 असाइनमेंट कहाँ जमा करना होता है?

यह असाइनमेंट संबंधित स्टडी सेंटर के अध्यापक (Tutor) के पास निर्धारित अंतिम तिथि से पहले जमा किया जाता है।

प्रश्न   क्या असाइनमेंट हाथ से लिखना ज़रूरी है?

अधिकांश स्टडी सेंटर हस्तलिखित सत्रीय कार्य ही स्वीकार करते हैं; पुष्टि के लिए अपने स्टडी सेंटर से संपर्क करें।

प्रश्न   सत्रीय कार्य की अंतिम तिथि कैसे पता करें?

अंतिम सबमिशन तिथि के लिए IGNOU की आधिकारिक वेबसाइट या अपने क्षेत्रीय केंद्र/स्टडी सेंटर से संपर्क करें। 

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